Important Questions of Class 11 Pol Science Chapter 4 Social Justice सामाजिक न्याय
4 Marks
Question 1:
भारत में सामाजिक न्याय प्राप्त करने में कौन-सी चुनौतियाँ हैं? किन्हीं चार बिंदुओं में उल्लेख कीजिए।
Question 2:
“लोगों को दुनियावी सुविधाएँ उपलब्ध न कर पाना भी उनके साथ न्याय न करने के बराबर है” — कथन का विश्लेषण कीजिए।
6 Marks
Question 1:
Explain any three principles of social justice with examples.
सामाजिक न्याय के किन्हीं तीन सिद्धांतों की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
Answser
सामाजिक न्याय का उद्देश्य समाज के सभी सदस्यों को समानता, गरिमा और न्याय प्रदान करना है। सामाजिक न्याय के तीन प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं:
1. समान व्यवहार और समान अधिकार
इस सिद्धांत के अनुसार सभी व्यक्तियों के साथ कानून के समक्ष समान व्यवहार होना चाहिए, चाहे उनका जाति, धर्म या लिंग कुछ भी हो।
उदाहरण: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समानता का अधिकार देता है।
2. अवसर की समानता
सामाजिक न्याय का अर्थ है कि सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें, इसके लिए कमजोर वर्गों को विशेष सहायता भी दी जा सकती है।
उदाहरण: अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था।
3. विशेष आवश्यकताओं की पहचान
यह सिद्धांत मानता है कि कुछ वर्गों को समानता प्राप्त करने के लिए विशेष संरक्षण या सुविधाओं की आवश्यकता होती है।
उदाहरण: महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों के लिए बनाए गए विशेष कानून।
इस प्रकार सामाजिक न्याय समानता और संवेदनशीलता पर आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देता है।
Question 2:
Explain the concept of ‘Veil of Ignorance’ in John Rawls’ theory of justice.
जान रॉल्स के न्याय के सिद्धांत में ‘अज्ञानता के आवरण’ के विचार की व्याख्या कीजिए।
Answer
जान रॉल्स के न्याय के सिद्धांत में ‘अज्ञानता का आवरण’ की अवधारणा अत्यंत महत्वपूर्ण है। रॉल्स एक काल्पनिक स्थिति की कल्पना करते हैं जिसे मूल स्थिति (Original Position) कहा जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति समाज को संचालित करने वाले न्याय के सिद्धांतों का चयन करते हैं, लेकिन वे अपने वास्तविक सामाजिक स्थान से अनजान होते हैं।
अज्ञानता के इस आवरण के कारण व्यक्ति यह नहीं जानते कि वे अमीर होंगे या गरीब, ऊँची जाति के होंगे या निम्न जाति के, पुरुष होंगे या महिला, अथवा उनके पास विशेष प्रतिभाएँ होंगी या नहीं। इस अज्ञानता के कारण वे अपने निजी हितों से ऊपर उठकर सोचते हैं और ऐसे नियम चुनते हैं जो सभी के लिए न्यायपूर्ण हों।
इस स्थिति में लोग समान मौलिक स्वतंत्रताओं और समाज के सबसे कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा करने वाले सिद्धांतों को अपनाते हैं। अज्ञानता का आवरण पक्षपात और स्वार्थ को रोकता है तथा समानता और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देता है। रॉल्स के अनुसार, इस प्रकार चुने गए सिद्धांत नैतिक रूप से उचित और वास्तविक अर्थों में न्यायपूर्ण होते हैं।
Important Questions of Class 11 Pol Science Chapter 4 Social Justice सामाजिक न्याय

